MSP Kisan Registration In Uttar Pradesh

MSP किसान पंजीकरण | फसल के लिए किसान पंजीकरण | MSP फसल पंजीकरण | फसल बेचने के लिए किसान पंजिकरण | यूपी किसान पंजीकरण | MSP गेहूं की कीमत | फसलों का एमएसपी मूल्य

नमस्कार दोस्तों तो चलिए आज आपको बताएंगे एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर आप कितनी आसानी से अपने गेहूं की फसल बेच सकते हैं। सिर्फ आपको एक बार पंजीकरण करवाना होगा। और हम आपको इसके लिए पूरी जानकारी देंगे कि कैसे आपको ऑफिशल वेबसाइट पर पंजीकरण करना है। पूरी डिटेल्स के लिए इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें |

दोस्तों खाद एवं आपूर्ति विभाग की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर किसान भाई लोग अपना किसान पंजीकरण आसानी से करवा सकते हैं। ऑफिशल वेबसाइट का नंबर आपको नीचे मिल जाएगा। वहां से आप आसानी से ऑफिशल वेबसाइट पर जा सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में एमएसपी किसान पंजीकरण

ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि बिना किसान पंजीकरण के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। इसलिए उत्तर प्रदेश में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1888 और 1867 प्रति क्विंटल रखा गया है। अगर आपको भी न्यूनतम समर्थन मूल्य चाहिए तो आपकी फसल का तो OFishal वेबसाइट पर जाइए और अपना पंजीकरण करवाइए और अपनी फसल को आसानी से बेच दें।

जैसा की आप सभी को पता है उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर से धान की खरीद चल रही है। इसीलिए सरकार ने की है ग्रेड ए प्रकार के धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1888 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य के लिए के 1868 प्रति क्विंटल अभिव्यक्ति तय किया गया है। इसके अंतर्गत क्रय केंद्रों पर यदि आप अपना धान बेचना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आपका धान नहीं होगा। ऐसी सरकार का कहना है कि इसीलिए आपको सबसे पहले खाद एवं कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना किसान पंजीकरण कराना होगा।

अपना धान बेचने के लिए किसानों को सबसे पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। राज्य सरकार के विभाग की ऑफिशल वेबसाइट नीचे दी गई है। आप सिंपली उस पर क्लिक करें। संपर्क विभाग की वेबसाइट पर जा सकते हैं और अपना पंजीकरण सावधानीपूर्वक भर सकते हैं

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पंजीकरण के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट नीचे बताए गए | पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज

पंजीकरण करते समय इन सभी जमीनी डाक्यूमेंट्स का ध्यान रखें। किसान को अपनी जमीन का रिटर्न देना होगा जिसमें धान की फसल लगाई गई थी। भूमि शुरू के साथ खतौनी या खाता संख्या या प्लॉट या खसरा संख्या और भूमि का रकबा और फसल का रकबा हेक्टेयर में भरना अनिवार्य होगा। आवेदन पत्र में पूरी जानकारी भरने के बाद ही किसान अपना पंजीकरण कराएगा। किसान ध्यान रखें कि पंजीकरण के लिए आधार संख्या और मोबाइल नंबर भी आवश्यक है। तो अपना स्वयं का मोबाइल नंबर ही भरा हुआ है ताकि ओ बफर आपके पास आ जाए और आप ओटीपी दर्ज कर सकें।

धान क्रय विक्रय केंद्र पर यह डॉक्यूमेंट ले जाना ना और

खाता संख्या अंकित कंप्यूटराइज्ड खतौनी

आधार कार्ड

अपने बैंक की किताब

दो से तीन अपने पास साइज की फोटो

धान का सैंपल

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